नवम्बर. 22, 2025, 8:52 बजे
मेपेक्स–2025 : भोजताल व नर्मदा पर आधारित विशेष आवरण का विमोचन
मेपेक्स–2025 : भोजताल व नर्मदा पर आधारित विशेष आवरण का विमोचन
भोपाल :- समन्वय भवन में आयोजित 14वीं मध्यप्रदेश राज्य स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी ‘मेपेक्स 2025’ के दूसरे दिन बच्चों के लिए आयोजित फिलाटेली कार्यशाला, क्विज़ एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, अभिभावकों, संग्रहकर्ताओं और नागरिकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर विद्यार्थियों द्वारा नृत्य व गीत संगीत की शानदार प्रस्तुतियाँ दी गई। दो सत्रों में आयोजित इस कार्यक्रम में भोपाल की पहचान भोजताल तथा मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर नर्मदा नदी पर विशेष आवरणों का विमोचन किया गया ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विनीत माथुर मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, मध्यप्रदेश सर्कल ने कहा कि “फिलाटेली केवल संग्रह नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और इतिहास को समझने का माध्यम है। भोजताल का इतिहास 300 वर्ष से अधिक पुराना है और इसमे इन दिनो विभिन्न देशी विदेशी पक्षी विचरण के लिए आते है। यहाँ का फ्लोरा फ़ौना बहुत अच्छा है।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में नर्मदा नदी पर विशेष आवरण जारी करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि माँ रेवा मध्यभारत की जीवनरेखा है जो मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र एवं गुजरात को जल एवं विद्युत की आपूर्ति करती है। विभाग द्वारा अब तक 3200 से अधिक स्मारक डाक टिकट जारी किए जा चुके है। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य अधिकाधिक बच्चों को फिलाटेली से जोड़ना है। उन्होने आग्रह किया कि बच्चे अपनी रुचि के अनुसार डाक टिकटों का संग्रह करें, फिलेटेली क्लब से जुड़ें और विभिन्न विषयों पर जारी टिकटों की जानकारी प्राप्त कर अपना ज्ञान बढ़ाएं।
इस अवसर पर विशेष अतिथि भास्कर लक्षकर, कमिश्नर (टी एंड ए) ने कहा कि “भारतीय डाक विभाग ज्ञान, पर्यटन तथा कला को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ‘मेपेक्स 2025’ के माध्यम से युवाओं और विद्यार्थियों में जिज्ञासा तथा सीखने की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिल रहा है। विशेष आवरणों का यह विमोचन प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर के प्रति जागरूकता बढ़ाने का सराहनीय कदम है।”
साथ ही विशेष अतिथि शीतांशु चौरसिया, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, भोपाल ने कहा कि “मैं बचपन से ही फिलेटेली के प्रति उत्साहित रहा हूँ क्योंकि फिलेटेली हमारे रिच कल्चर का संग्रह करती है और डाक टिकट दुनिया भर में घट रही घटनाओं का आईना है । उन्होने पासपोर्ट वितरण में डाक विभाग के अनन्य सहयोग की प्रशंसा करते हुए कहा कि डाक विभाग के सहयोग के कारण ही हम दूरस्थ क्षेत्रों में पासपोर्ट संबंधी सेवाओं को सरलता से कर पा रहे है।
इस अवसर पर पूर्व मुख्य पोस्टमास्टर जनरल मप्र सर्कल , महाप्रबंधक वित्त शाहनवाज़ आलम, निदेशक डाक सेवाएं मुख्यालय पवन कुमार डालमिया तथा उपनिदेशक डाक लेखा आशुतोष सती भी उपस्थित थे।